Ladli Behna Yojana 32nd Installment – मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में चलाई जा रही लाड़ली बहना योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य की करीब सवा करोड़ महिलाएं इस योजना के तहत नियमित रूप से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही हैं। नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही महिलाएं अपनी अगली किस्त के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रही थीं और अब सरकार ने इसे लेकर स्पष्ट घोषणा कर दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह सुनिश्चित किया है कि यह कल्याणकारी योजना बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रहेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल वित्तीय सहायता मिल रही है बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आ रहा है।
किस्त की तारीख में हुआ बदलाव
प्रारंभिक घोषणा के अनुसार बत्तीसवीं किस्त 15 जनवरी को जारी होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसमें मामूली परिवर्तन किया गया है। उज्जैन में आयोजित हो रहे महाकाल महोत्सव और अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते यह निर्णय लिया गया है। अब यह धनराशि 16 जनवरी 2026 को हस्तांतरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री स्वयं नर्मदापुरम जिले के माखनगार (बाबई) क्षेत्र से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। इस भव्य समारोह के दौरान पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि भेजी जाएगी। यह आयोजन मकर संक्रांति के पावन अवसर के निकट होने के कारण विशेष महत्व रखता है।
वर्तमान किस्त की राशि और भविष्य की योजनाएं
इस बार लाभार्थी महिलाओं को 1500 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। यह वही राशि है जो दिसंबर 2025 में इकत्तीसवीं किस्त के रूप में दी गई थी। योजना की शुरुआत में महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया। पहले इसे 1250 रुपये किया गया और फिर नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपये की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए 1500 रुपये कर दिया गया।
मुख्यमंत्री की दीर्घकालीन योजना के अनुसार, वर्ष 2028 तक इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह महत्वाकांक्षी कदम महिलाओं की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम होगा। राज्य सरकार ने अब तक इस योजना के तहत 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि महिलाओं के खातों में स्थानांतरित की है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
योजना की पात्रता और मुख्य विशेषताएं
लाड़ली बहना योजना के लिए 21 वर्ष से 60 वर्ष तक की महिलाएं पात्र हैं। वर्तमान में लगभग 1.29 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। यह संख्या दर्शाती है कि यह योजना कितनी व्यापक और प्रभावी है। योजना का प्रबंधन पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से किया जाता है और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से महिलाएं अपनी स्थिति की जांच कर सकती हैं।
भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में धनराशि हस्तांतरित की जाती है। इससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती और महिलाओं को समय पर पूरी राशि प्राप्त होती है। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगी किस्त
हालांकि यह योजना व्यापक है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में महिलाओं को किस्त प्राप्त नहीं होगी। यदि किसी महिला का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो उसे भुगतान में समस्या आ सकती है। आधार सीडिंग यह सुनिश्चित करती है कि राशि सही व्यक्ति के खाते में जाए। जिन महिलाओं की आयु 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, वे स्वतः ही इस योजना के दायरे से बाहर हो जाती हैं।
यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या आयकर दाता बन गया है, तो भी महिला को इस योजना से वंचित किया जा सकता है। इसके अलावा, बैंक खाते में डीबीटी विकल्प सक्रिय होना आवश्यक है। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से अपनी ई-केवाईसी की स्थिति जांचें और किसी भी अधूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाएं।
भुगतान स्थिति कैसे देखें
अपनी किस्त की जानकारी प्राप्त करने के लिए महिलाएं आधिकारिक पोर्टल पर जा सकती हैं। सबसे पहले वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर जाना होगा और वहां ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ वाले विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद लाड़ली बहना आवेदन संख्या या समग्र आईडी दर्ज करनी होगी। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करके खोज बटन पर क्लिक करना होगा।
इस प्रक्रिया के बाद स्क्रीन पर पूरा भुगतान विवरण प्रदर्शित हो जाएगा। महिलाएं यह जानकारी प्राप्त कर सकती हैं कि उनके खाते में राशि आई है या नहीं। यह सुविधा महिलाओं को घर बैठे अपनी स्थिति जानने में मदद करती है और उन्हें बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं रहती।
योजना का सामाजिक प्रभाव
लाड़ली बहना योजना का प्रभाव विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखा जा रहा है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ छोटे व्यवसाय शुरू करने में भी कर रही हैं। कई महिलाओं ने इस योजना की मदद से अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण में योगदान दे रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उन्हें समाज में बेहतर स्थान दिलाना है। आने वाले समय में तीसरे चरण के पंजीकरण की भी मांग की जा रही है ताकि जो महिलाएं अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाई हैं, वे भी इसका लाभ उठा सकें।

